A Separation

।।अजीब सी बात है
लेकिन, शायद –
यही दिन है,
और दिन रात है

घायल आशिक
सनहेरी चाँद
के पिघलते चेहरे को देख –
खेद की फ़िज़ा
अपने प्रेमी के ओर भेजता है

दो दिन मे
अमावश की रात है
सुनहरी किसी और
के साथ है।।

 

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